BIRTHDAY SPECIAL : आदित्य चोपड़ा की खामोशी ही उनकी पहचान है..!

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कहावत है एक खामोश कमांडर हजारों सैनिको को शिकस्त दे सकता है. ऐसा लगता है कि ये कहावत केवल आदित्य चोपड़ा के लिए ही बनाई गई है. आदित्य यशराज चोपड़ा बॉलीवुड के सबसे टैलेंट, प्रभवशाली और सबसे बड़े बिजनेसमैन माने जाते हैं. लेकिन शायद ही कोई उन्हें नजदीक से जानने का दावा कर सकता है. मीडिया और लाइमलाइट से दूर रहने वाले आदित्य चोपड़ा की खामोशी ही उनकी पहचान है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत. उनकी इस खामोशी की आंधी में बॉलीवुड के बड़े-बड़े सूरमा तिनके की तरह उड़ चुके हैं. जिनमें सनी देओल, आमिर खान और अजय देवगन जैसे अभिनेताओं का नाम भी शामिल है. आइए डालते हैं आदित्य चोपड़ा की शख्सियत पर एक खास नजर…

फिल्मी करियर
21 मई, 1971 को मुंबई में जन्में आदित्य चोपड़ा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत अपने पिता यश चोपड़ा की फिल्म ‘चांदनी’, ‘लम्हे’ तथा ‘डर’ जैसी फिल्मों में सहायक डायरेक्टर के तौर पर की. पांच सालों तक पिता यश को असिस्ट करने के बाद उन्होंने साल 1995 में फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ निर्देशित की. अशोक कुमार की फिल्म ‘किस्मत’ के बाद इस फिल्म ने किसी थियेटर में लगातार 5 साल तक चलने का अनोखा कीर्तिमान बनाया. इस फिल्म ने शाहरुख खान, काजोल और खुद आदित्य को बॉलीवुड में ऐसा मुकाम दिलाया जिसकी बराबरी शायद की जा सके. एक निर्देशक के तौर पर आदित्य ने ‘मोहब्बतें’, ‘चक दे इण्डिया’, ‘रब ने बना दी जोड़ी’ और ‘बेफिक्रे’ जैसी हिट फिल्में बनाई, लेकिन उनकी पहचान यहीं तक सीमित नहीं है.

सफल बिजनेसमैन
निर्देशक के अलावा आदित्य एक सफल निर्माता भी हैं. उन्होंने अपने बैनर तले कई नई प्रतिभाएं को मौका दिया जो आगे चलकर इंडस्ट्री में बड़े नाम बन गए. इनमें कबीर खान, मनीष शर्मा, कुणाल कोहली, संजय गढ़वी, शाद अली और विजय आचार्या का नाम शामिल है. यहां तक कि करण जौहर की सफलता के पीछे भी उनका ही हाथ माना जाता है. करण की फिल्म ‘कुछ कुछ होता है’ को आदित्य ने ना केवल को-प्रोड्यूस किया, बल्कि उनका डिस्ट्रिब्ट्यशन भी किया. हालांकि आदित्य इस फिल्म को करण जौहर की दोस्ती को दिया गया तोहफा बताते हैं. फिल्मों के अलावा आदित्य ने यशराज स्ट्युडियो, वाईआरएफ म्यूजिक, वाईआरएफ होम एंटरटेनमेंट और वाईआरएफ डिस्ट्रीब्यूशन के जरिए यशराज फिल्म्स को बॉलीवुड सबसे बड़ा प्रोडक्शन हाउस बना डाला.

विवादास्पद व्यक्तित्व
विवादों से आदित्य चोपड़ा का गहरा नाता रहा है. उनकी खासियत ये है कि वो किसी भी मसले पर कभी कोई रिएक्शन ही नहीं देते, लेकिन बाजी हमेशा उनके हाथ ही लगती है. साल 2008 में आदित्य आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ के स्पेशल स्क्रीनिंग में पहुंचे थे. इसी साल उनकी फिल्म ‘रब ने बना दी जोड़ी’ भी रिलीज हुई थी. स्क्रीनिंग से बाहर निकलते ही जब मीडिया ने इस फिल्म के बारे में उनकी राय जाननी चाही तो आदित्य बुरी तरह भड़क गए और गुस्से में अपना मोबाइल फेंक कर दे मारा. दरअसल उन्हें गुस्सा अपना फोटो खींचने के कारण आया. आदित्य मुंह छुपाते हुए वहां से निकल गए. इस घटना को मीडिया में काफी उछाला गया था. 2012 में अजय देवगन की फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ और यशराज की ‘जब तक है जान’ एक साथ रिलीज हुई. अजय देवगन की फिल्म को कई थियेटरों ने लगाने से मना कर दिया तो उन्होंने आदित्य चोपड़ा मोनोपोली का आरोप लगाया. उनका कहना था कि चोपड़ा अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर थियेटर मालिकों पर उनकी फिल्म ना चलाने का दबाव डाल रहे हैं. मामला कोर्ट तक जा पहुंचा लेकिन कोर्ट ने मामले को खारिज कर दिया. आदित्य चोपड़ा कितने शातिर बिजनेसमैन हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उन्होंने इसके लिए शाहरुख खान को भी नहीं बख्शा. फरहान अख्तर और रितेश सिद्ध्वानी की शाहरुख स्टारर फिल्म ‘रईस’ की रिलीज डेट 6 जुलाई, 2016 साल 2015 में ही तय हो गई थी. लेकिन बाद में आदित्य ने इसी डेट पर सलमान खान की फिल्म ‘सुलतान’ रिलीज करने की घोषणा कर दी. आदित्य का मानना था कि इस समय सलमान बॉक्स ऑफिस पर शाहरुख के मुकाबले ज्यादा बिकाऊ हैं. फरहान के आग्रह और दबाव के बावजूद आदित्य चोपड़ा टस से मस नहीं हुए और आखिरकार ‘रईस’ की रिलीज डेट 26 जनवरी, 2017 करनी पडी.


बहरहाल आदित्य चोपड़ा ने यशराज से मिले विरासत को उस मुकाम तक पहुंचा दिया है, जहां तक पहुंचना फिलहाल तो बॉलीवुड की किसी शख्सियत के लिए संभव नजर नहीं आ रहा. बतौर बिजनेसमैन आदित्य चोपड़ा का ग्राफ भले ही बढ़ रहा है, लेकिन उनकी पिछली फिल्म ‘बेफिक्रे’ से ऐसा लग रहा है कि डायरेक्शन की ग्रिप उनके हाथों से फिसल रही है. साथ ही आदित्य अपनी पत्नी और अभिनेत्री रानी मुखर्जी और बेटी आदिरा के साथ पारिवारिक जीवन में खुश हैं.
आदित्य चोपड़ा को जन्मदिन की शुभकामनाएं..!

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