Baaghi-2 Movie Review:एक्टिंग में चूहा नजर आते हैं टाइगर (श्रॉफ)

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‘बागी- 2’ टाइगर श्रॉफ की 6ठी फिल्म है लेकिन आज तक एक्शन को छोड़ कर उनकी और कोई खासियत नजर नहीं आई . एक्शन में भी उनके मुकाबले सलमान खान और अक्षय कुमार बेहतर ही माने जाते हैं. केवल एक्शन के सहारे टाइगर बॉलीवुड की रेस में आगे बढ़ने का ख्वाब देख रहे हैं तो उनके शुभचिंतकों को भी निराशा ही होगी. बहरहाल टाइगर ने ‘बागी 2’ में जैसा एक्शन दिखाया है, वह अभी तक हॉलीवुड की फिल्मों में ही देखने को मिलता था. या यूं कहें कि हॉलीवुड की नक़ल वाला एक्शन बागी-2 में बिना लाग-लपेट के परोस दिया गया है. टाइगर की खूबी यही है कि उन्होंने इस एक्शन को बखूबी निभाया है. ‘बागी 2’ में वे अपनी दोस्त दिशा पटानी के साथ आए हैं तो इस वजह से इस जोड़ी को लेकर क्रेज भी काफी है. Baaghi 2 टाइगर श्रॉफ की 2016 में रिलीज हुई हिट फिल्म ‘बागी’ का सीक्वल है.

‘बागी 2’ में टाइगर श्रॉफ और दिशा पटानी दोनों इश्क करते हैं. लेकिन कुछ ऐसा होता है कि दोनों की राहें जुदा होती हैं. फिर एक दिन दिशा की बिटिया मुसीबत में फंस जाती है और उसे अपनी मदद के लिए सिर्फ रॉनी यानी टाइगर की याद आती है. वह मदद मांगती है और उसकी मदद को तैयार भी हो जाता है. फिर उसके बाद जबरदस्त एक्शन की डोज देखने को मिलती है, और टाइगर श्रॉफ वह सब करते नजर आते हैं जो हमने अकसर हॉलीवुड स्टार्स को करते देखा है. ‘बागी 2’ का स्क्रीनप्ले मजबूत है और आखिरी तक बांधकर रखता है. ‘बागी 2’ की खासियत इसके दिलचस्प डायलॉग भी हैं. ‘बागी 2’ में जांचे-परखे एक्शन-रोमांस के फॉर्मूले को आजमाया गया है.

बागी 2′ की सबसे बड़ी खामी है टाइगर की डायलॉग डिलीवरी .ऐसा लगता है कि टाइगर जो कुछ बोल रहे हैं उसके अर्थ से अच्छी तरह वाकिफ नहीं हैं. उनका चेहरा पूरी तरह भावहीन नजर आता है. उनके डायलॉग तो मजेदार है लेकिन उसमें एनर्जी कम नजर आती है. टाइगर के अलावा ‘बागी 2’ में मनोज वाजपेयी, रणदीप हुड्डा और प्रतीक बब्बर भी हैं और उन्होंने भी ठीक-ठाक काम किया है लेकिन पूरी फिल्म टाइगर पर ही फोकस है जिसकी वजह से इन प्रतिभाशाली अभिनेताओं का पूरा दमखम सामने नहीं आ पाया .’बागी 2’ एक यूथ ओरिएंटेड फिल्म है और युवाओं के बीच टाइगर का क्रेज भी है. खुदा ना खास्ता फिल्म अगर कमजोर साबित होती है तो हैरानी ही होगी .

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