साउथ की फिल्मों में काम पाने के लिए होना पड़ता है कास्टिंग काउच का शिकार-श्री रेड्डी

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दक्षिण भारतीय फिल्मों में बाहर की अभिनेत्रियों का जलवा है .तमन्ना भाटिया,तापसी पन्नू से लेकर हंसिका मोटवानी तक साउथ से नहीं आती फिर भी ये अभिनेत्रियाँ वहां हर फिल्मकारों की पहली पसंद है. इन अभिनेत्रियों ने जब भी कभी हिंदी फिल्मों में पाँव जमाने की कोशिश की नाकामयाब ही रही .आखिर साउथ की फिल्मों में इन अभिनेत्रियों की सफलता का राज क्या है ? टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन करने वाली तेलगू फिल्मों में काम की तलाश कर रहीं श्री रेड्डी ने इस बारे में एक सनसनीखेज बयान दिया है। उनके मुता श्री रेड्डी का दावा है कि उत्तर भारतीय लड़कियां और दूसरे प्रदेशों से आने वाली लड़कियां सेक्सुल फेवर देती हैं, जिस कारण लोग उनमें रुचि दिखाते हैं।

श्री रेड्डी के मुताबिक़ उत्तर भारतीय सब कुछ करने के लिए तैयार रहती हैं, जबकि तेलगू महिलाएं इसके लिए तैयार नहीं होती, जिस कारण उन्हें काम नहीं दिया जाता । श्री रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि तेलगू की मूल निवासी अभिनेत्रियों का भी यौन शोषण किया जा रहा है, लेकिन जब उन्हें फिल्म में काम देने की बात आती है तो उन्हें धोखा मिलता है। बता दें कि श्री रेड्डी उस वक्त अचानक सुर्खियों में आ गई थी, जब उसने टॉलीवुड में काम ना मिलने की शिकायत पर तेलगू फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स के ऑफिस के सामने टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया था।

श्री का आरोप है कि कई प्रोड्यूसर और निर्देशकों ने उसका यौन शोषण किया है। हालांकि मूवी आर्टिस्ट एसोसिएशन का अभी भी कहना है कि वह श्री रेड्डी के मेंबरशिप एप्लीकेशन को स्वीकार नहीं सकती क्योंकि इसके लिए कम से कम 3 फिल्मों में काम करना जरुरी है।

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