Lata Mangeshkar: इसलिए लता जी ने नहीं की शादी

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भारत की स्वर कोकिला लता मंगेशकर का कहना है कि पिता की मौत के बाद अपने भारी-भरकम कुनबे की जिम्मेदारी उन पर आ गयी .ऐसे में शादी कर घर बसाने का ख्याल उन्हें आया ही नहीं और ना ही इसके लिए वक़्त मिला .लेकिन ये तस्वीर का एक पहलू है जबकि सिनेमा जगत में लता मंगेशकर को लेकर कई और चर्चाएँ भी रही हैं, जिन्हें उनके अकेलेपन की वजह के तौर पर देखा जाता है .अन्य महिलाओं की तरह लता जी को भी कई बार प्यार हुआ लेकिन उन्हें हर बार नाकामी ही मिली .डालते हैं नजर लता मंगेशकर से जुड़े ऐसे ही किस्सों पर

म्यूजिक डाइरेक्टर सी रामचंद्र पहले ऐसे पुरुष थे जिन्होंने लता जी के दिल में एंट्री ली .लता मंगेशकर के करियर को इस मुकाम तक लाने में सी रामचंद्र का भी बड़ा हाथ रहा है .लता जी इस रिश्ते को लेकर गंभीर भी थी लेकिन रामचंद्र पहले से शादीशुदा थे और लता से शादी करने को तैयार नहीं थे .जब पहली बार लता को रामचंद्र की शादीशुदा होने की बात पता चली तो उन्हें गहरा आघात लगा और ये रिश्ता टूट गया .हालांकि कारोबारी रिश्ते बने रहे और दोनों ने मिलकर कई अनमोल तोहफे सिने संगीत को दिए .

सी रामचंद्र के बाद लता मंगेशकर का नाम शंकर-जयकिशन फेम शंकर से जुड़ा.लता जी शंकर को लेकर अपनी पसंदगी का इजहार खुले तौर पर भी कर चुकी हैं.वैसे शंकर के परिवार को ये रिश्ता बिलकुल मंजूर नहीं था .शंकर को लता से दूर रखने के लिए जयकिशन ने लता के बजाय सुमन कल्यानपुर से गवाना शुरू कर दिया .इसकी कीमत इस जोड़ी को म्यूजिक इंडस्ट्री से गायब होकर चुकानी पडी .लता ने राज कपूर को इस बात के लिए मजबूर किया कि वो उनकी फिल्मों में तभी गाना गाएंगी जब शंकर-जयकिशन की बजाय म्यूजिक लक्ष्मीकांत प्यारेलाल देंगे .इस तरह शंकर को इस रिश्ते की कीमत अपना करियर गंवा कर चुकाना पड़ा.

राजसिंह डूंगरपुर और लता मंगेशकर के रिश्ते के बारे में तो सब जानते ही हैं लेकिन ये शायद ही किसी को पता हो कि उनकी शादी क्यों नहीं हुई .दरअसल डूंगरपुर एक राजसी खानदान था और उनके परिवारवाले किसी आम आदमी की एंट्री परिवार में नहीं चाहते थे .खासकर उनके पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे .इसके बावजूद राज सिंह ने इस रिश्ते को बड़ी शिद्दत से निभाया और लम्बे अरसे तक उनका रिश्ता ख़ामोशी से आगे बढ़ता रहा .

असमिया गायक भूपेन हजारिका की मौत के बाद उनकी पत्नी ने ये कहकर सनसनी फैला दी थी कि लता और उनके पति के बीच गहरे रिश्ते थे और उनके पास इस रिश्ते को स्वीकार करने के अलावा और कोई चारा नहीं था .बहरहाल लता मंगेशकर के इस पूरे प्रेम-प्रकरण को नाकाम रिश्तों के कोलाज की तरह समझना ही बेहतर होगा.

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