काफी दिलचस्प है शाहरुख खान-गौरी की लव स्टोरी

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 फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे…’ की कहानी तो आपको याद ही होगी. फिल्म में  राज बने शाहरुख अपनी प्रेमिका सिमरन के परिवार का दिल जीतने के लिए क्या क्या नहीं करते? वो सिमरन से शादी तो करना चाहते हैं, लेकिन उसके परिवार की रज़ामंदी से. क्या आपको मालूम है कि DDLJ के राज और सिमरन की तरह ही शाहरुख और गौरी की रियल लव स्टोरी में भी कई मुश्किलें आईं. परिवार की सख्ती, अलग अलग धर्म की उलझन और कई मुश्किलों के बाद भी, ये दिलवाला अपनी दुल्हनिया को ले भागा। 

1984 में शाहरुख़ और गौरी की पहली मुलाक़ात दिल्ली के पंचशील क्लब में चल रही एक पार्टी में हुई. ..शाहरुख पहली ही नजर में गौरी पर फ़िदा हो गए. इसके बाद तो जिस पार्टी में भी गौरी के पहुंचने की उम्मीद होती, शाहरुख बिन बुलाये उस पार्टी में पहुंच जाते . और फिर 25 अक्टूबर 1984 को तीसरी मुलाकात में शाहरुख ने गौरी के घर का फोन नंबर हासिल कर ही लिया . फ़ोन पर ही उन्होंने गौरी को अपने हाल ए दिल सूना दिया और गौरी मान भी गयी. 

 प्यार भरी बातों और मुलाकातों के बीच तकरीबन पांच साल बीत गए . इसी बीच शाहरुख को टीवी सीरियल दूसरा केवल और दिल दरिया में काम करने का मौका मिल गया था और वो शूटिंग में व्यस्त हो गए  .गौरी  शाहरुख के एक्टर बनने के फैसले के भी सख्त खिलाफ थीं.इन्हीं उलझनों के चलते गौरी शाहरुख से कम मिलने लगीं लेकिन शाहरुख अब तक गौरी को लेकर बेहद पजेसिव हो चुके थे. शाहरुख के ऐसे बर्ताव से धीरे धीरे गौरी को इस रिश्ते में बेहद घुटन होने लगी. उन्हें ये सवाल और ज्यादा परेशान करने लगा कि आखिर शाहरुख के साथ उनके रिश्ते का भविष्य क्या होगा?इन्हीं उलझनों के बीच गौरी का उन्नीसवां जन्मदिन आ गया. जन्मदिन मनाने के लिए शाहरुख ने अपने कमरे को बहुत अच्छी तरह सजाया और गौरी के लिए कई तोहफे रखे.जब गौरी उनसे मिलने आईं तो शाहरुख का दीवानापन देखकर उनकी आंखों में आंसू आ गए और फिर वो फूटफूटकर रोने लगीं . शाहरुख समझ नहीं पा रहे ते कि गौरी रो क्यों रही हैं. और फिर अगले ही दिन अचानक, शाहरुख को बताए बिना गौरी शहर से बाहर चली गईं.कई दिन बीत गए…शाहरुख बेहद परेशान थे . एक दिन शाहरुख ने गौरी का पता जानने के लिए, लड़की की आवाज़ में उनके घर फोन किया तो गौरी के घरवालों ने बताया कि गौरी मुंबई में है लेकिन उनका पता उन्होंने फिर भी नहीं बताया.शाहरुख को बेहद परेशान देखकर उनकी मां उनके पास आईं . उन्होंने शाहरुख को दस हजार रुपए दिए और कहा- फौरन मुंबई जाओ और जिस लड़की से प्यार करते हो उसे वापस लाओ . फिल्म दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे का ये सीन भी शाहरुख की रियल लाइफ के सीन से काफी मिलता जुलता था. और फिर DDLJ के राज की तरह ही शाहरुख अपनी रियल लाइफ की सिमरन यानि गौरी को ढूंढने निकल पड़े.

 अगले ही दिन अपने दोस्त बेनी के साथ शाहरुख मुंबई पहुंच गए . वो बस ये जानते थे कि गौरी को समंदर किनारे जाना बेहद पसंद है . लेकिन बिना किसी पते के इतने बड़े शहर में गौरी की तलाश आसान नहीं थी.गौरी का पता नहीं चल रहा था और शाहरुख के दोस्त उन्हे बार बार वापस दिल्ली लौटने को कह रहे थे . लेकिन शाहरुख नहीं माने . मुंबई में पहले दो दिन शाहरुख अपने एक दोस्त के फ्लैट में रहे लेकिन तीसरे दिन जब दोस्त के माता-पिता आ गए तो मुंबई में अपनी तीसरी रात इन्हे वीटी स्टेशन के पास एक बेंच पर गुजारनी पड़ी.’सुबह जब वो उठे तो पास के ताज होटल में मरम्मत का काम चल रहा था . हम चुपके से होटल के बाथरूम में घुस गए और हमने वहीं नहा कर कपड़े बदले. गौरी की तलाश में कई दिन बीत गए. सड़को पर खाना खाया, बेंच पर सोए… लेकिन गौरी का कोई पता नहीं चला. फिर धीरे धीरे मां के दिए पैसे भी खत्म हो गए और शाहरुख को अपना कीमती कैमरा चार हजार रुपए में बेचना पड़ा.  लेकिन गौरी से मिले बिना वो लौटने को बिलकुल तैयार नहीं थे…आखिरकार शाहरुख को उनकी गौरी नजर आ ही गईं..शाहरुख़ को देखते ही गौरी  उनके पास आई  और रोने लगी। इस   लेकर वापस दिल्ली लौट गए। 

अब तक टीवी सीरियल दिल दरिया, फौजी और दूसरा केवल के जरिए शाहरुख टेलीविजन में अपनी छाप छोड़ रहे थे . फौजी में शाहरुख का निभाया नौजवान फौजी का किरदार अभिमन्यु राय तो बेहद हिट हो गया था और दिल्ली की सड़को पर कई लोग अब शाहरुख को पहचानने भी लगे थे .एक दिन…जब गौरी के पिता को पता चला कि गौरी शाहरुख नाम के लड़के के साथ पंचशील क्लब में है तो वो फौरन पंचशील क्लब की तरफ रवाना हो गए .  लेकिन गौरी की बहन प्रियंका ने उसे सही वक्त पर इस बात की खबर दे दी और पिता के आने से पहले ही गौरी और शाहरुख वहां से खिसक लिए . एक दूसरे धर्म के लड़के के साथ गौरी के रिश्ते की खबर ने उनके माता-पिता को हिला कर रख दिया था.

 गौरी शाहरुख के एक्टिंग करियर के खिलाफ थीं और उनके रिश्ते में चल रही उलझनों को बीच, शाहरुख के मुंबई जाने के फैसले ने उन्हे हिला कर रख दिया.तब तक शाहरुख़  फिल्म राजू बन बया जेंटलमैंन साइन कर चुके थे  शाहरुख बीच बीच में गौरी से मिलने दिल्ली भी आते रहे . शाहरुख पूरी तरह मुंबई शिफ्ट होने का पैसला भी नहीं ले पा रहे थे क्योंकि गौरी और उनकी मां दिल्ली में थीं. लेकिन 1991 की शुरुआत में अचानक शाहरुख की मां की तबीयत खराब हो गई.15 अप्रैल 1991 को शाहरुख की मां लतीफ फातिमा नहीं रहीं. मां की मौत ने शाहरुख को तोड़  कर रख दिया. मां की मौत के 2 हफ्ते बाद ही उन्होंने फैसला कर लिया कि अब वो ये दिल्ली छोड़कर…मुंबई शिफ्ट हो जाएंगे .

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