पद्मावती को लेकर किसी को आक्रामक होने का हक नहीं है : आलिया भट्ट !

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विवादित फिल्म पद्मावती को लेकर गुरुवार को डायरेक्टर संजय लीला भंसाली और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी संसद की इन्फॉर्मेशन और टेक्नॉलजी कमेटी के सामने पेशी हुई. खबर है कि अब ‘पद्मावती’ का एक और ट्रेलर जल्द ही रिलीज़ किया जाएगा। ‘पद्मावती’ विवाद पर बॉलिवुड के तमाम सितारों और निर्देशकों ने अपनी बात कही। अब अभिनेत्री आलिया भट्ट ने भी इस विवाद पर खुल कर अपनी बात कही है।

48वें अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में हिस्सा लेने पहुंची आलिया ने कहा कि आज के समय में हमारे देश का जो प्रजातंत्र है उस हिसाब से बिना फिल्म देखे लोगों का विरोध करना ठीक नहीं है। लोगों को यह अधिकार जरूर है कि वह किसी फिल्म को देखने के बाद न पसंद करें लेकिन इस तरह मौखिक रूप से आक्रामक होना ठीक नहीं है।

आलिया ने कहा, ‘वैसे तो लोगों को लगता है कि जिसे अपने देश के राष्ट्रपति के बारे में नहीं, उसे इतनी गंभीरता से क्या लेना। वैसे तो फिल्म पद्मावती के बारे में काफी कुछ कहा जा चुका है और मैंने इस विषय पर इसलिए बात नहीं की है कि लोग मुझे गंभीरता से लेना शुरू कर दें।

इस मामले में मेरा मत एकदम साफ है कि जब तक फिल्म नहीं रिलीज़ होती और वह लोग फिल्म बिना देखे जो फिल्म का विरोध कर रहे हैं, यह आज के समय के हिसाब से जो देश का लोकतंत्र है उसमे ऐसा नहीं होना चाहिए। बेशक विरोध करने वालों को अपनी बात कहने और सुझाव देने का पूरा हक है, लेकिन एक फिल्मकार को भी अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। देश में एक सरकारी संस्था है जो फिल्म को रिलीज़ होने के लिए प्रमाणपत्र देती है, फिल्म रिलीज़ हो जाए, दर्शक देख लें और उसके बाद दर्शकों को निर्णय लेने दें।’

आलिया आगे कहती हैं, ‘यह बिल्कुल भी जरूरी नहीं है कि लोग फिल्म को पसंद करें, शायद वह फिल्म को न पसंद करें और शायद उन्हें फिल्म पसंद भी आ जाए, लेकिन यदि न पसंद आने पर यदि मौखिक रूप से आप इतने आक्रामक हो जाएंगे तो यह बात ठीक नहीं होगी। यह हमारे देश की सुंदरता नहीं है, यह बात हमें याद रखनी चाहिए।’

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