जब जीतेंद्र ने सांवले रंग के कारण मिथुन की बेइज्जती की

स्ट्रगल के दिनों में जीतेंद्र ने मिथुन पर कटाक्ष करते हुए कहा था -'अगर ये साला हीरो बन जाएगा तो मैं फिल्मों में काम करना ही छोड़ दूंगा'.

0
27

मिथुन चक्रवर्ती  और अभिनेता जीतेंद्र ने लगभग आधा दर्जन फिल्मों में एक साथ काम किया .लेकिन ये कम लोगों को ही पता होगा कि साथ फ़िल्में करने के दौरान भी दोनों के बीच कोई बातचीत नहीं होती थी .हालाँकि सीनियर कलाकार होने के नाते मिथुन ने कभी जीतेंद्र के साथ बेअदबी नहीं की. दरअसल मिथुन का जीतेंद्र को लेकर इस खुन्नस की वजह एक घटना थी जो मिथुन के स्ट्रगल के दौरान घटी थी.

bollywood में आने से पहले ही मिथुन ने फिल्म ‘मृगया’ के जरिये नेशनल अवार्ड हासिल कर लिया था. लेकिन मिथुन के आम चेहरे और सांवले रंग के कारण बॉलीवुड में कोई ये मानने को तैयार ही नहीं था कि ये अभिनेता कमर्शियल फिल्मों के लायक हो सकता है. इसलिए उन्हें काफी स्ट्रगल करना पड़ा .मिथुन अक्सर निर्माताओं से काम मांगने फिल्मों के सेट पर पहुँच जाया करते थे. एक दिन मिथुन निर्माता टी एल वी प्रसाद से मिलने नटराज स्टूडियो जा पहुंचे जहां वो अभिनेता जीतेंद्र के साथ शूटिंग कर रहे थे. मिथुन ने जब प्रसाद को अपना पोर्टफोलियो दिखाया तो वो काफी इम्प्रेस हुए और उन्हें जीतेंद्र से मिलाया .प्रसाद ने जीतेंद्र को बताया की ये लड़का बॉलीवुड में हीरो बनने बंगाल से आया है .इतना सुनना था कि जीतेंद्र जोर-जोर से हंसने लगे. मिथुन की शक्ल -सूरत देखकर वो ये मानने को तैयार ही नहीं थे की मिथुन को कोई bollywood में काम मिल सकता है. निराश मिथुन वहां से जाने लगे तो जीतेंद्र ने पीछे से कटाक्ष करते हुए -‘अगर ये साला हीरो बन जाएगा तो मैं फिल्मों में काम करना ही छोड़ दूंगा’.मिथुन ने भी इस कटाक्ष को सुना लेकिन चुपचाप सर झुका कर वहाँ से चले गए.

1982 में आई ‘डिस्को डांसर’ ने उन्हें सितारा बना दिया और साथ ही जीतेंद्र का विकल्प भी. क्योंकि मिथुन से पहले केवल जीतेंद्र ही अच्छी तरह डांस कर सकते थे. 1992 में हेमा मालिनी की फिल्म ‘दिल आशना है’ में मिथुन और जीतेंद्र का आमना-सामना पहली बार हुआ .शायद तब तक जीतेंद्र अपनी भूल चुके थे लेकिन मिथुन नहीं भूले .हालाँकि बाद में दोनों ने एक साथ कई फ़िल्में की लेकिन मिथुन ने जीतेंद्र को कभी माफ़ नहीं किया.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here