जब हीरो की नहीं, खतरनाक विलन की वजह से हिट हुई फिल्में!

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क्या पद्मावत दीपिका पादुकोणे की फिल्म है? या फिर शाहिद कपूर की ? इस बात में तो कोई संशय ही नहीं है कि पद्मावत पूरी तरह रणवीर सिंह की फिल्म है जिन्होंने इस फिल्म में अलाउद्दीन खिलजी का निगेटिव किरदार निभाया है. रणवीर सिंह ने ये किरदार इतना पावरफ़ुल तरीके से निभाया है कि दीपिका और शाहिद कपूर पूरी फिल्म में खानापूर्ती जैसे लगते हैं. पद्मावती की सफलता में रणवीर सिंह के योगदान को देखते हुए एक बात फिर से साबित हो गयी कि कामयाबी की वजह सिर्फ हीरो ही नहीं बल्कि एक विलेन भी फिल्म का सारा भार अपने कन्धों पर बखूबी उठा सकता है. बहरहाल डालते हैं एक नज़र उन फिल्मों पर जब फिल्मों में विलेन का रोल निभाने वाले कलाकारों के सामने मुख्य अभिनेता बौने साबित हुए…
शोले: रमेश सिप्पी की फिल्म शोले को आज भी हर कोई गब्बर के कारण ही देखना चाहता है. अमजद खान द्वारा निभाया गया ये किरदार इतना जबरदस्त था कि अमजद जैसे नौसिखिये के सामने अमिताभ बच्चन,धर्मेन्द्र और संजीव कुमार जैसे महारथी भी बेवश नजर आए. गब्बर एक ऐतिहासिक किरदार बन चुका है और शोले को माइलस्टोन फिल्म बनाने में जय-वीरू का नहीं बल्कि गब्बर का ही हाथ है.
मिस्टर इंडिया: ‘मोगाम्बो खुश हुआ’ जैसे अमर डायलॉग से लैस यह फिल्म अनिल कपूर से ज्यादा अमरीश पुरी के पागलपन के लिए जानी जाती है. मोगाम्बे एक ऐसा किरदार है जिसे गब्बर के बाद सबसे ज्यादा पसंद किया गया .मजे की बात ये है कि बोनी कपूर ने ये फिल्म श्रीदेवी और अनिल कपूर के करियर को सहारा देने के लिए बनाई थी जबकि महफ़िल अमरीश पुरी लूट ले गए.
डर: साल 1993 की यह फिल्म शाहरुख खान के करियर का टर्निंग पॉइंट थी. इस फिल्म में वो एक ऐसे दीवाने के किरदार में थे जो जूही चावला यानी किरण से दीवानों की तरह प्यार करता है. फिल्म के हीरो तो सनी देओल थे, लेकिन साड़ी लाइमलाइट शाहरुख की लूट गए.फिल्म के हीरो सनी देओल तो इस फिल्म से इतने नाराज हुए कि उन्होंने फिर कभी यशराज फिल्म्स के साथ काम ना करने की कसम ही खा ली. फिल्म कामयाब रही और शाहरुख खान लाइम्लाईट में आ गए जबकि सनी देओल का बेड़ा गर्क हो गया.
धूम: धूम सीरीज की फ़िल्में बनी ही थी निगेटिव किरदारों के महिमामंडन के लिए .पहली फिल्म में जॉन अब्राहिम, दूसरी फिल्म में ऋतिक रोशन और तीसरी फिल्म में आमिर खान का दोगुना किरदार इस फिल्म का सबसे मजबूत हिस्सा था. इन तीनों ही फिल्मों में अभिषेक बच्चन और उदय चोपड़ा पुलिस की भूमिका में थे लेकिन उनके किरदार कोई खास असर नहीं छोड़ते.धूम सीरिज की फ़िल्में विलेन्स के कारण ही पसंद की जाती रही है.
गुप्त: काजोल और बॉबी देओल की यह फिल्म एक मर्डर मिस्ट्री थी. 1997 में आई यह फिल्म अगर आपने नहीं देखी है तो ये आपके लिए स्पॉइलर है कि इसकी मुख्य विलन कोई और नहीं काजोल हैं. उनकी एक्टिंग आपको बंधे रहने पर मजबूर कर देती है.फिल्म के लिए काजोल को बेस्ट विलेन के खिताब से नवाजा गया .इस फिल्म ने काजोल के करियर को जबरदस्त बूस्ट दिया .

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